गया में जेडीयू एमएलसी मनोरमा देवी के घर में करोड़ों की चोरी, पुलिस ने सील किया था घर
दिस॰, 14 2025
गया के एक घर में करोड़ों की संपत्ति की चोरी का मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने पहले ही लिक्वर के मामले में गिरफ्तारी के बाद घर को सील कर दिया था। ये घर मनोरमा देवी का है, जो जनता दल (एकीकृत) की एक सस्पेंडेड एमएलसी हैं। चोरी का घटनास्थल गया, बिहार है — जहां अब तक दो आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
सील घर में चोरी: पुलिस की लापरवाही?
मनोरमा देवी के घर पर 12 दिन पहले लिक्वर के आधार पर पुलिस ने सील कर दिया था। लेकिन इसी सील के बीच अज्ञात आक्रमणकारियों ने घर के अंदर जमा गहने, नकदी, और अन्य मूल्यवान सामान को लूट लिया। घर के बाहर पुलिस के लगे सील के निशान बरकरार थे — लेकिन अंदर की चोरी किसने की? यह सवाल अब राजनीति के मैदान में भी गूंज रहा है। मनोरमा देवी ने स्पष्ट किया कि वह अपना घर तब तक नहीं लेंगी, जब तक पुलिस एक पूर्ण सील सूची तैयार न कर दे, जिसमें चोरी के बाद बचे सामान की पूरी विवरणी हो।
पति बिंदेश्वरी यादव: एक अपराधी का सफर
मनोरमा देवी के पति बिंदेश्वरी यादव (बिंडी यादव) का नाम गया में 1980 के दशक में एक छोटे से साइकिल चोर के रूप में जाना जाता था। लेकिन आज वह एक ऐसे आतंकी व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं, जिनके खिलाफ 11 गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं — जिसमें अपहरण और हत्या भी शामिल हैं। 2001 में उन्हें एक एके-47 राइफल और 4,000 गोलियां रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बिंडी यादव और उनके साथी बच्चू ने 1990 के दशक में ‘बिंडिया-बच्चू’ के नाम से गया में जमीन जब्ती का एक डरावना अभियान चलाया।
लेकिन जब 2010 में नीतीश कुमार की सरकार आई, तो बिंडी यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को छोड़कर जेडीयू में शामिल हो लिया। आज उनके पास गया, बोधगया और दिल्ली में 15 पेट्रोल पंप, कई होटल और मॉल हैं। यह बदलाव कैसे हुआ? यह सवाल अब राजनीति के नियमों के बारे में भी उठ रहा है।
बेटा रॉकी यादव: रोड रेज केस का मुख्य आरोपी
मनोरमा देवी और बिंडी यादव के बेटे रॉकी यादव गया के एक बड़े रोड रेज केस के मुख्य आरोपी हैं। जहां एक छात्र अदित्य की हत्या कर दी गई। रॉकी यादव को अभी तक गिरफ्तार रखा गया है, और उनके साथ चार और लोगों को दोषी पाया गया है। फाइनल सजा की घोषणा 6 सितंबर को होनी है। रॉकी के पास 1.5 करोड़ का एसयूवी और इटली से आयातित .32 कैलिबर की बंदूक भी मिली है। गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने कहा — ‘मैंने अदित्य को नहीं मारा’।
चोरी का असली सवाल: क्या राजनीति ने बनाया ये अवसर?
यहां कोई आम चोरी नहीं हुई। यह एक ऐसा मामला है जहां सील किया गया घर — जिसे राजनीतिक दबाव के कारण जांच के लिए बंद रखा गया था — उसके अंदर चोरी हो गई। पुलिस ने घर के बाहर निगरानी नहीं की। न कोई कैमरा लगा था, न ही कोई गार्ड। लेकिन जब चोरी हुई, तो जांच शुरू हो गई। अब पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन सवाल यह है — ये दोनों आरोपी कौन हैं? क्या ये बाहरी चोर हैं, या फिर किसी और के हाथों से ये चोरी हुई?
एक अनुमान है कि इस चोरी के पीछे कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है जिसे इन सामानों की जानकारी है — शायद कोई पुलिस अधिकारी, या फिर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी। क्योंकि इस घर के अंदर ऐसी चीजें थीं जिनकी जानकारी सिर्फ कुछ ही लोगों को थी।
क्या ये बस एक चोरी है, या एक संकेत?
मनोरमा देवी अभी भी जेडीयू की ओर से आट्री विधानसभा क्षेत्र के लिए उम्मीदवार हैं। वे पिछले चुनाव में आरजेडी के एमपी सुरेंद्र यादव को हराई थीं। अब यह सवाल उठ रहा है — क्या ये चोरी उनकी राजनीतिक वापसी के खिलाफ एक संकेत है? क्या ये एक डरावना संदेश है कि जो लोग इस तरह के घरों के पीछे खड़े हैं, उन्हें भी जवाब दिया जा सकता है?
पुलिस के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले की जांच जारी रखी है। लेकिन जब एक बार राजनीति और अपराध का नाम लिया जाता है, तो सामान्य नियम काम नहीं करते। यहां कोई आम चोरी नहीं हुई — यह एक ऐसा घटनाक्रम है जो बिहार के राजनीतिक नक्शे को बदल सकता है।
क्या हुआ अगला?
मनोरमा देवी ने अपनी जांच के लिए एक स्वतंत्र अधिकारी की नियुक्ति की मांग की है। उनका कहना है कि गया पुलिस के अंदर कोई न कोई लिंक हो सकता है। बिंडी यादव के खिलाफ चल रहे 11 मामलों में से कुछ अभी तक फाइनल नहीं हुए हैं। रॉकी यादव के लिए 6 सितंबर का दिन फैसला करने वाला होगा। और अब इस चोरी के बाद, जेडीयू को भी इस मामले के लिए जवाब देना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मनोरमा देवी का घर क्यों सील किया गया था?
गया पुलिस ने मनोरमा देवी के घर को लिक्वर के अवैध भंडारण के आरोप में सील किया था। इस घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। घर सील करने का मकसद था कि कोई सामान हटाए नहीं, और जांच के लिए सब कुछ बरकरार रहे।
बिंदेश्वरी यादव के खिलाफ कौन-कौन से अपराध दर्ज हैं?
बिंदेश्वरी यादव के खिलाफ 11 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, अपहरण, आयुध रखना और जमीन जब्ती शामिल हैं। 2001 में उन्हें एके-47 राइफल और 4,000 गोलियां रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनका नाम गया में एक डरावने गैंग के रूप में जाना जाता था।
रॉकी यादव का रोड रेज केस क्या है?
रॉकी यादव गया में एक रोड रेज केस के मुख्य आरोपी हैं, जिसमें एक छात्र अदित्य की हत्या कर दी गई। चार अन्य लोगों को भी दोषी पाया गया है। फाइनल सजा की घोषणा 6 सितंबर को होनी है। उनके पास 1.5 करोड़ का एसयूवी और इटली की बंदूक भी मिली है।
चोरी के बाद पुलिस ने क्या किया?
चोरी के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि ये आरोपी कौन हैं और उनका राजनीतिक या अपराधी संबंध क्या है। मनोरमा देवी ने एक स्वतंत्र जांच की मांग की है।
क्या ये चोरी राजनीतिक बदलाव का हिस्सा है?
कई विश्लेषकों का मानना है कि ये चोरी सिर्फ लूट नहीं, बल्कि एक संकेत है — कि जिन लोगों के पास राजनीतिक ताकत और अपराधी नेटवर्क है, उन्हें भी डराया जा सकता है। यह बिहार के राजनीतिक खेल के एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।
मनोरमा देवी का अब राजनीतिक स्थिति क्या है?
मनोरमा देवी को जेडीयू ने अभी तक सस्पेंड कर दिया है, लेकिन वे आट्री विधानसभा क्षेत्र के लिए उम्मीदवार बनी हुई हैं। उनके खिलाफ कोई आधिकारिक निलंबन नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी उन पर दबाव बना रही है। अगले चुनाव में उनकी भागीदारी के बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है।
Rakesh Pandey
दिसंबर 14, 2025 AT 22:58ये सब तो बिहार का रोज़मर्रा का खेल है भाई सील कर दिया घर फिर चोरी हो गई अब पुलिस को जवाब देना है ना
Basabendu Barman
दिसंबर 16, 2025 AT 09:06अरे ये तो साफ़ कॉन्सपिरेसी है भाई पुलिस के अंदर किसी ने चोरी की होगी या फिर राजनीतिक दुश्मन ने बताया कि यहां क्या क्या है और फिर लूट दिया गया ये बिंडी यादव के खिलाफ एक संदेश है जो भी चोरी कर रहा है वो जानता है कि घर में क्या है
Boobalan Govindaraj
दिसंबर 16, 2025 AT 21:33इस तरह के मामलों में जब राजनीति और अपराध मिल जाते हैं तो सिर्फ पुलिस को दोष नहीं देना चाहिए लोगों को भी जागना होगा अगर हम इसे नहीं रोकेंगे तो ये सिर्फ शुरुआत है
mohit saxena
दिसंबर 18, 2025 AT 12:58मनोरमा देवी को बहुत बड़ा झटका लगा होगा लेकिन अब वो जवाब देगी ये नहीं बताती कि अब वो क्या करेगी
Shraddhaa Dwivedi
दिसंबर 19, 2025 AT 21:07इस घर के अंदर क्या था ये सब किसी को नहीं पता लेकिन जो भी था वो चोरी हो गया और अब जांच हो रही है लेकिन सच तो बहुत देर तक छिपा रहेगा
pradeep raj
दिसंबर 21, 2025 AT 13:48इस मामले में सिस्टम की फेल्योर की बात हो रही है जब एक घर को सील कर दिया जाता है तो उसकी निगरानी के लिए एक अलग टीम होनी चाहिए न कि सिर्फ एक सील लगा दें और भूल जाएं ये बिहार के अधिकारियों की आम आदत है जिसे बदलने की जरूरत है
Vikram S
दिसंबर 23, 2025 AT 09:12ये चोरी नहीं, ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है! जो भी इस घर में घुसा, वो शायद विदेशी एजेंट हैं जो बिहार के राजनीतिक नेताओं के खिलाफ जासूसी कर रहे हैं! अगर पुलिस ने इसे अंडर ट्रैक नहीं किया तो ये देश के लिए बड़ी आपदा है!
nithin shetty
दिसंबर 24, 2025 AT 03:29रॉकी के पास इटली की बंदूक थी और अब चोरी हुई तो क्या वो बंदूक भी ले गए? ये तो बहुत बड़ा सवाल है
Sandeep YADUVANSHI
दिसंबर 25, 2025 AT 19:50क्या तुम लोग इतने निराश हो गए हो कि अब ये सब चोरी के लिए बहाना बन गया? ये सब बिहार की राजनीति का नियम है जिसमें अपराधी नेता बन जाते हैं और लोग उन्हें वोट देते हैं ये देश का अंत हो रहा है
UMESH joshi
दिसंबर 27, 2025 AT 09:09अगर एक घर को सील कर दिया जाता है तो उसके अंदर की चीजें भी सील हो जानी चाहिए ना? लेकिन जब आप लोगों की नज़र बस राजनीति पर होती है तो न्याय की बात भूल जाते हो ये नहीं कि कोई चोरी कर रहा है बल्कि ये कि हम क्या बन रहे हैं
M Ganesan
दिसंबर 28, 2025 AT 05:47मनोरमा देवी और बिंडी यादव के घर में चोरी हुई? अच्छा! तो अब वो बोल रही हैं कि उनका घर सील था लेकिन उनके बेटे ने तो एक छात्र को मार डाला! जो लोग खून से खेलते हैं उनकी चीजें चोरी हो जाना भी उचित है! ये न्याय है!
Jamal Baksh
दिसंबर 29, 2025 AT 02:02ये मामला सिर्फ एक चोरी नहीं है ये एक संस्कृति का प्रश्न है जहां शक्ति को अपराध से जोड़ दिया जाता है और न्याय को राजनीति के लिए बांध दिया जाता है अगर हम इस रिवाज को बदलना चाहते हैं तो हमें अपने आप को बदलना होगा
Ganesh Dhenu
दिसंबर 29, 2025 AT 20:28पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं लेकिन असली जवाब तो ये है कि कौन बता रहा था कि घर में क्या है? जिसने भी इस जानकारी दी वो असली चोर है
dinesh baswe
दिसंबर 31, 2025 AT 12:46मनोरमा देवी के पास जो भी चीजें थीं वो उनके पति के अपराधों के नाम पर जमा हुई हैं अब जब ये चोरी हुई तो लोग उनके साथ सहानुभूति जता रहे हैं लेकिन अगर ये चीजें निष्पक्ष तरीके से जमा नहीं हुई होतीं तो क्या ये चोरी गलत होती?
Jamal Baksh
जनवरी 1, 2026 AT 09:36मनोरमा देवी को अभी तक जेडीयू से सस्पेंड किया गया है लेकिन वो अभी भी उम्मीदवार हैं ये तो बिहार की राजनीति की बेतरतीब नीति का उदाहरण है जहां अपराधी को भी चुनाव लड़ने का मौका दिया जाता है