झारखंड राज्यसभा चुनाव: देवेंद्र कुंवर का 'हो गया काम', परिमल नाथवाणी की जीत

झारखंड राज्यसभा चुनाव: देवेंद्र कुंवर का 'हो गया काम', परिमल नाथवाणी की जीत जून, 20 2026

जब देवेंद्र कुंवर, विधायक of भारतीय जनता पार्टी (BJP), गुरुवार को झारखंड विधानसभा परिसर से वोट डालकर बाहर निकले, तो उनके मुंह से निकला एक वाक्य पूरे राजनीतिक समीकरण को बदल देने वाला साबित हुआ। "जय श्री राम, हो गया काम" — यह नारा केवल उत्साह नहीं था, बल्कि यह संकेत था कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपनी कमजोर स्थिति को कैसे उलट दिया। इस घटना ने 2026 झारखंड राज्यसभा चुनावरांची की धूल जमा दी और दिखाया कि कैसे अंदरूनी खेल और क्रॉस-वोटिंग ने परिणाम तय किए।

दरअसल, सत्तारूढ़ ‘इंडिया’ गठबंधन के पास 56 विधायक थे, जबकि NDA के पास केवल 24। गणितीय रूप से, एक सीट जीतने के लिए 28 प्रथम-प्राथमिकता वोटों की आवश्यकता होती थी। NDA के पास यह संख्या पूरी करने के लिए 4 वोट कम थे। लेकिन देवेंद्र कुंवर का आत्मविश्वास भरी बयानबाजी ने सुझाव दिया कि कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको हैरान कर दिया।

मतदान का दिन: तनाव और अपेक्षाएं

गुरुवार की सुबह 9 बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी देखी गई। तीन मुख्य उम्मीदवार मैदान में थे: BJP समर्थित निर्दलीय परिमल नाथवाणी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बैद्यनाथ राम, और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रणव झा

सुबह से ही BJP विधायकों ने बस से उतरते समय "जय श्री राम-जय जगन्नाथ" के नारे लगाए, जो माहौल को गर्म करते गए। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, यह नारेबाजी केवल शोर नहीं थी, बल्कि यह एक संदेश था कि गठबंधन मजबूत है। हालांकि, वास्तविकता थोड़ी अलग थी। 'क्रॉस-वोटिंग' की चर्चाओं ने पूरे दिन चर्चा का विषय बनाए रखा। क्या JMM या कांग्रेस के विधायक पक्ष बदलेंगे? यह सवाल हर किसी के मन में था।

'हो गया काम': राजनीतिक ट्विस्ट

यहीं पर देवेंद्र कुंवर का बयान महत्वपूर्ण बन जाता है। उन्होंने वोट डालने के बाद स्पष्ट रूप से कहा कि काम हो चुका है। इसका तात्पर्य था कि NDA को उन 4 अतिरिक्त वोटों तक पहुंचने में सफलता मिली है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने तहलका मचा दिया। Facebook पेज 'Followup Jharkhand' और Instagram अकाउंट '@thefollowup.in' पर इस वीडियो को हजारों बार शेयर किया गया।

लेकिन सबसे बड़ा खुलासा बाद में सामने आया। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रिय जनता दल (RJD) और CPI(ML) के कुछ विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की। इसका सीधा असर कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा पर पड़ा। Live Hindustan की रिपोर्ट के अनुसार, प्रणव झा हार गए और परिमल नाथवाणी विजयी हुए। यह एक चौंकाने वाला नतीजा था, क्योंकि 'इंडिया' गठबंधन के पास संख्यात्मक बहुमत था।

विरोधियों की प्रतिक्रिया और बैद्यनाथ राम का दावा

विरोधियों की प्रतिक्रिया और बैद्यनाथ राम का दावा

हार के बाद राजनीतिक माहौल तंग आ गया। JMM नेता जयराम महतो ने एक वीडियो में गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा, "बैद्यनाथ राम जीतने वाले हैं, यह झारखंड का मान-सम्मान का मामला है। अगर झारखंड का बेटा नहीं जीत पाता, तो क्या जनता बेवकूफ है?" महतो का यह बयान दर्शाता है कि वे परिणाम को स्वीकार करने के बजाय इसे एक धोखा मान रहे हैं।

दूसरी ओर, परिमल नाथवाणी ने अपनी जीत पर आत्मविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि उनकी जीत झारखंड की जनता की इच्छाशक्ति का प्रतिबिंब है। हालांकि, विपक्ष ने दावा किया कि यह जीत गठबंधन की विश्वासघाती नीतियों का परिणाम है।

भविष्य के लिए क्या इसका मतलब है?

भविष्य के लिए क्या इसका मतलब है?

इस चुनाव का असर केवल दो सीटों तक सीमित नहीं रहेगा। यह झारखंड की राजनीति में गठबंधनों की अस्थिरता को उजागर करता है। NDA के लिए यह एक बड़ी जीत है, जो उन्हें राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद करेगी। वहीं, 'इंडिया' गठबंधन के लिए यह एक चेतावनी है कि संख्यात्मक शक्ति के बिना विश्वास और एकजुटता बिना कुछ नहीं है।

आगे के दिनों में, यह देखा जाएगा कि क्या RJD और CPI(ML) के विधायकों की भूमिका पर और अधिक प्रकाश डाला जाएगा। चुनाव आयोग द्वारा कोई जांच होगी या नहीं, यह भी एक महत्वपूर्ण सवाल है। लेकिन अभी के लिए, देवेंद्र कुंवर का "हो गया काम" नारा इतिहास का हिस्सा बन चुका है।

Frequently Asked Questions

झारखंड राज्यसभा चुनाव में किसने जीत हासिल की?

BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी ने चुनाव जीता। दूसरी सीट पर भी NDA को लाभ हुआ, जबकि कांग्रेस के प्रणव झा और JMM के बैद्यनाथ राम हार गए।

देवेंद्र कुंवर का 'हो गया काम' बयान क्यों महत्वपूर्ण था?

यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि NDA के पास जीत के लिए आवश्यक 28 वोटों में से 4 वोट कम थे। कुंवर का आत्मविश्वास यह संकेत देता था कि उन्हें क्रॉस-वोटिंग के जरिए आवश्यक समर्थन मिल गया है।

क्रॉस-वोटिंग में कौन से दल शामिल थे?

सूत्रों के अनुसार, RJD (राष्ट्रिय जनता दल) और CPI(ML) के कुछ विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, जिससे कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा की हार हुई और परिमल नाथवाणी की जीत हुई।

झारखंड विधानसभा में कुल कितनी सीटें हैं और जीत के लिए कितने वोट चाहिए?

झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 प्रथम-प्राथमिकता वोटों की आवश्यकता होती है।