राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं रिजल्ट 2024: 93.03% छात्र पास, जानें परिणाम जांचने के तरीके

राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं रिजल्ट 2024: 93.03% छात्र पास, जानें परिणाम जांचने के तरीके मई, 30 2024

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कक्षा 10वीं 2024 परिणाम

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं के परिणाम 2024 घोषणा कर दी है। इस बार कुल पास प्रतिशत 93.03% रहा है, जो 2023 के 90.49% और 2022 के 82.89% के मुकाबले एक मजबूत वृद्धि दर्ज कर रहा है। परीक्षा के परिणाम विभिन्न चुनौतियों के बावजूद विद्यार्थियों की मेहनत और विधियों की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।

बेहतर परिणाम दर

इस साल कक्षा 10वीं की परीक्षा 7 मार्च से 30 मार्च तक आयोजित की गई थी। कुल पंजीकृत 10,60,751 छात्रों में से 10,39,895 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इस साल के परिणामों में लड़कों का पास प्रतिशत 92.64% जबकि लड़कियों का 93.46% रहा है, जिसे एक बार फिर लड़कियों की बेहतर प्रदर्शन की पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।

उत्कृष्ट प्रदर्शन

इस साल के परिणामों में शीर्ष स्थान गुदिया मीना ने हासिल किया है, जो दौसा जिले से है। उसने 95.17% अंक प्राप्त किए और सभी विषयों में विशेषता अंक प्राप्त किए। यह परिणाम उसकी कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है, साथ ही उन शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को भी दर्शाता है जिनकी सहायता से यह सफलता प्राप्त हुई है।

विषयवार सफलता

विषयवार सफलता

विषयवार सफलता प्रतिशत में टेलीकॉम विषय ने सबसे अधिक 99.55% पास दर हासिल की है। इसके बाद गणित में 95.99% और विज्ञान में 95.82% पास दर रही है। यह दैनिक जीवन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की महत्वता को भी उजागर करता है।

परिणाम कैसे जांचें

छात्र अपने परिणाम राजस्थान बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर जाकर देख सकते हैं। इसके अलावा, डिजिलॉकर के माध्यम से भी छात्र अपने अंकपत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

फिर से जांच प्रक्रिया

फिर से जांच प्रक्रिया

जिन छात्रों को अपने अंकों से असंतोष है, वे अपने संबंधित स्कूलों के माध्यम से पुनःमूल्यांकन प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया उनके परिणामों की सटीकता सुनिश्चित करने का एक माध्यम है।

निष्कर्ष

निष्कर्ष

यह पास प्रतिशत पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत है। परीक्षा के नवीन पद्दतियों और छात्रों की कठोर मेहनत ने इस सफलता को संभव बनाया है। इसलिए, यह उम्मीद की जा सकती है कि आगामी वर्षों में भी इस प्रवृत्ति को बनाए रखने के लिए और भी अधिक प्रयास किए जाएंगे।

7 टिप्पणि

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    Deepanker Choubey

    मई 31, 2024 AT 12:39
    ये 93% पास होना तो बहुत अच्छी बात है! 🙌 पर असली बात तो ये है कि लड़कियां अब लड़कों से आगे निकल रही हैं। ये बदलाव देखकर दिल खुश हो जाता है। शिक्षा में लिंग भेद का अंत आ रहा है, और ये सिर्फ अंकों की बात नहीं, बल्कि समाज के दिमाग की बदलाव की बात है। 💫
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    Roy Brock

    जून 1, 2024 AT 14:05
    इस रिजल्ट को देखकर मैं सिर्फ एक ही बात सोच रहा हूँ... क्या हम असली शिक्षा के बारे में भूल गए हैं? क्या सिर्फ पास हो जाना ही सफलता है? क्या हमने कभी सोचा कि बच्चे क्या सीख रहे हैं या सिर्फ परीक्षा के लिए याद कर रहे हैं? 🤔
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    Prashant Kumar

    जून 1, 2024 AT 22:45
    99.55% टेलीकॉम में पास? ये नंबर तो बिल्कुल गलत है। राजस्थान में टेलीकॉम का कोई सिलेबस नहीं होता, ये गलत जानकारी है। शायद बोर्ड ने टेलीकॉम की जगह टेक्नोलॉजी लिख दिया होगा। ये गलतियां लोगों को भ्रमित करती हैं।
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    Prince Nuel

    जून 3, 2024 AT 01:58
    अरे भाई, ये सब तो बस नंबरों का खेल है। असली बात ये है कि अगर बच्चे के घर में लैपटॉप नहीं है, तो उसका क्या होगा? रिजल्ट दिखाने से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारो।
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    Sunayana Pattnaik

    जून 3, 2024 AT 18:17
    लड़कियों का पास प्रतिशत ज्यादा है? शायद उन्होंने बस याद कर लिया है, लेकिन समझा नहीं। मैंने देखा है कि लड़कियां बहुत अच्छी तरह से परीक्षा की तैयारी करती हैं, लेकिन असली सोच उनमें नहीं होती।
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    akarsh chauhan

    जून 3, 2024 AT 23:08
    गुदिया मीना की कहानी देखकर मेरा दिल भर गया। एक छोटे से गांव से निकलकर ये सब कर लिया! ये बच्ची हमें सिखा रही है कि मेहनत और विश्वास कितना बड़ा हथियार है। बस इतना कहना है - अगर तुम्हारे घर में कोई बच्चा है, तो उसे बस ये बताओ - तुम कर सकते हो। 💪❤️
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    soumendu roy

    जून 4, 2024 AT 20:32
    यह रिजल्ट वास्तव में एक सकारात्मक दिशा है, लेकिन इसके पीछे की व्यवस्था की जांच नहीं की गई। यदि बोर्ड ने परीक्षा के लिए अधिक अंक दिए हैं, तो यह सफलता असली नहीं है। शिक्षा का उद्देश्य अंक नहीं, बल्कि ज्ञान का विकास है।

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